ज़बूर 96:1-13 DGV - Bible AI

दुनिया का ख़ालिक़ और मुन्सिफ़

1रब की तम्जीद में नया गीत गाओ, ऐ पूरी दुनिया, रब की मद्हसराई करो।

2रब की तम्जीद में गीत गाओ, उस के नाम की सताइश करो, रोज़-ब-रोज़ उस की नजात की ख़ुशख़बरी सुनाओ।

3क़ौमों में उस का जलाल और तमाम उम्मतों में उस के अजाइब बयान करो।

4क्यूँकि रब अज़ीम और सताइश के बहुत लाइक़ है। वह तमाम माबूदों से महीब है।

5क्यूँकि दीगर क़ौमों के तमाम माबूद बुत ही हैं जबकि रब ने आसमान को बनाया।

6उस के हुज़ूर शान-ओ-शौकत, उस के मक़्दिस में क़ुदरत और जलाल है।

7ऐ क़ौमों के क़बीलो, रब की तम्जीद करो, रब के जलाल और क़ुदरत की सताइश करो।

8रब के नाम को जलाल दो। क़ुर्बानी ले कर उस की बारगाहों में दाख़िल हो जाओ।

9मुक़द्दस लिबास से आरास्ता हो कर रब को सिज्दा करो। पूरी दुनिया उस के सामने लरज़ उठे।

10क़ौमों में एलान करो, “रब ही बादशाह है! यक़ीनन दुनिया मज़बूती से क़ाइम है और नहीं डगमगाएगी। वह इन्साफ़ से क़ौमों की अदालत करेगा।”

11आसमान ख़ुश हो, ज़मीन जश्न मनाए! समुन्दर और जो कुछ उस में है ख़ुशी से गरज उठे।

12मैदान और जो कुछ उस में है बाग़ बाग़ हो। फिर जंगल के दरख़्त शादियाना बजाएंगे।

13वह रब के सामने शादियाना बजाएंगे, क्यूँकि वह आ रहा है, वह दुनिया की अदालत करने आ रहा है। वह इन्साफ़ से दुनिया की अदालत करेगा और अपनी सदाक़त से अक़्वाम का फ़ैसला करेगा।