तितुस 3:1-15 DGV - Bible AI

मसीही किरदार

1उन्हें याद दिलाना कि वह हुक्मरानों और इख़तियार वालों के ताबे और फ़रमाँबरदार रहें। वह हर नेक काम करने के लिए तय्यार रहें,

2किसी पर तोहमत न लगाएँ, अम्नपसन्द और नर्मदिल हों और तमाम लोगों के साथ नर्ममिज़ाजी से पेश आएँ।

3क्यूँकि एक वक़्त था जब हम भी नासमझ, नाफ़रमान और सहीह राह से भटके हुए थे। उस वक़्त हम कई तरह की शहवतों और ग़लत ख़्वाहिशों की ग़ुलामी में थे। हम बुरे कामों और हसद करने में ज़िन्दगी गुज़ारते थे। दूसरे हम से नफ़रत करते थे और हम भी उन से नफ़रत करते थे।

4लेकिन जब हमारे नजातदहिन्दा अल्लाह की मेहरबानी और मुहब्बत ज़ाहिर हुई

5तो उस ने हमें बचाया। यह नहीं कि हम ने रास्त काम करने के बाइस नजात हासिल की बल्कि उस के रहम ही ने हमें रूह-उल-क़ुद्स के वसीले से बचाया जिस ने हमें धो कर नए सिरे से जन्म दिया और नई ज़िन्दगी अता की।

6अल्लाह ने अपने इस रूह को बड़ी फ़य्याज़ी से हमारे नजातदहिन्दा ईसा मसीह के वसीले से हम पर उंडेल दिया

7ताकि हमें उस के फ़ज़्ल से रास्तबाज़ क़रार दिया जाए और हम उस अबदी ज़िन्दगी के वारिस बन जाएँ जिस की उम्मीद हम रखते हैं।

8इस बात पर पूरा एतिमाद किया जा सकता है।

8मैं चाहता हूँ कि आप इन बातों पर ख़ास ज़ोर दें ताकि जो अल्लाह पर ईमान लाए हैं वह ध्यान से नेक काम करने में लगे रहें। यह बातें सब के लिए अच्छी और मुफ़ीद हैं।

9लेकिन बेहूदा बह्सों, नसबनामों, झगड़ों और शरीअत के बारे में तनाज़ों से बाज़ रहें, क्यूँकि ऐसा करना बेफ़ाइदा और फ़ुज़ूल है।

10जो शख़्स पार्टीबाज़ है उसे दो बार समझाएँ। अगर वह इस के बाद भी न माने तो उसे रिफ़ाक़त से ख़ारिज करें।

11क्यूँकि आप को पता होगा कि ऐसा शख़्स ग़लत राह पर है और गुनाह में फंसा हुआ होता है। उस ने अपनी हरकतों से अपने आप को मुजरिम ठहराया है।

आख़िरी हिदायात

12जब मैं अर्तिमास या तुख़िकुस को आप के पास भेज दूँगा तो मेरे पास आने में जल्दी करें। मैं नीकुपुलिस शहर में हूँ, क्यूँकि मैं ने फ़ैसला कर लिया है कि सर्दियों का मौसम यहाँ गुज़ारूँ।

13जब ज़ेनास वकील और अपुल्लोस सफ़र की तय्यारियाँ कर रहे हैं तो उन की मदद करें। ख़याल रखें कि उन की हर ज़रूरत पूरी की जाए।

14लाज़िम है कि हमारे लोग नेक काम करने में लगे रहना सीखें, ख़ासकर जहाँ बहुत ज़रूरत है, ऐसा न हो कि आख़िरकार वह बेफल निकलें।

15सब जो मेरे साथ हैं आप को सलाम कहते हैं। उन्हें मेरा सलाम देना जो ईमान में हम से मुहब्बत रखते हैं।

15अल्लाह का फ़ज़्ल आप सब के साथ होता रहे।

This work is licensed under a Creative Commons Attribution - No Derivatives 4.0 International License. info@urdugeoversion.com
/div>