यसायाह 7:1-25 DGV - Bible AI

अल्लाह आख़ज़ को तसल्ली देता है

1जब आख़ज़ बिन यूताम बिन उज़्ज़ियाह, यहूदाह का बादशाह था तो शाम का बादशाह रज़ीन और इस्राईल का बादशाह फ़िक़ह बिन रमलियाह यरूशलम के साथ लड़ने के लिए निकले। लेकिन वह शहर पर क़ब्ज़ा करने में नाकाम रहे।

2जब दाऊद के शाही घराने को इत्तिला मिली कि शाम की फ़ौज ने इफ़्राईम के इलाक़े में अपनी लश्करगाह लगाई है तो आख़ज़ बादशाह और उस की क़ौम लरज़ उठे। उन के दिल आँधी के झोंकों से हिलने वाले दरख़्तों की तरह थरथराने लगे।

3तब रब यसायाह से हमकलाम हुआ, “अपने बेटे शयार-याशूब[३] को अपने साथ ले कर आख़ज़ बादशाह से मिलने के लिए निकल जा। वह उस नाले के सिरे के पास रुका हुआ है जो पानी को ऊपर वाले तालाब तक पहुँचाता है (यह तालाब उस रास्ते पर है जो धोबियों के घाट तक ले जाता है)।

4उसे बता कि मुह्तात रह कर सुकून का दामन मत छोड़। मत डर। तेरा दिल रज़ीन, शाम और बिन रमलियाह का तैश देख कर हिम्मत न हारे। यह बस जली हुई लकड़ी के दो बचे हुए टुकड़े हैं जो अब तक कुछ धुआँ छोड़ रहे हैं।

5बेशक शाम और इस्राईल के बादशाहों ने तेरे ख़िलाफ़ बुरे मन्सूबे बांधे हैं, और वह कहते हैं,

6‘आओ हम यहूदाह पर हम्ला करें। हम वहाँ दह्शत फैला कर उस पर फ़त्ह पाएँ और फिर ताबिएल के बेटे को उस का बादशाह बनाएँ।’

7लेकिन रब क़ादिर-ए-मुतलक़ फ़रमाता है कि उन का मन्सूबा नाकाम हो जाएगा। बात नहीं बनेगी!

8क्यूँकि शाम का सर दमिश्क़ और दमिश्क़ का सर महज़ रज़ीन है। जहाँ तक मुल्क-ए-इस्राईल का ताल्लुक़ है, 65 साल के अन्दर अन्दर वह चकनाचूर हो जाएगा, और क़ौम नेस्त-ओ-नाबूद हो जाएगी।

9इस्राईल का सर सामरिया और सामरिया का सर महज़ रमलियाह का बेटा है।

9अगर ईमान में क़ाइम न रहो, तो ख़ुद क़ाइम नहीं रहोगे।”

रब आख़ज़ को निशान देता है

10रब आख़ज़ बादशाह से एक बार फिर हमकलाम हुआ,

11“इस की तस्दीक़ के लिए रब अपने ख़ुदा से कोई इलाही निशान माँग ले, ख़्वाह आसमान पर हो या पाताल में।”

12लेकिन आख़ज़ ने इन्कार किया, “नहीं, मैं निशान माँग कर रब को नहीं आज़माऊँगा।”

13तब यसायाह ने कहा, “फिर मेरी बात सुनो, ऐ दाऊद के ख़ानदान! क्या यह काफ़ी नहीं कि तुम इन्सान को थका दो? क्या लाज़िम है कि अल्लाह को भी थकाने पर मुसिर रहो?

14चलो, फिर रब अपनी ही तरफ़ से तुम्हें निशान देगा। निशान यह होगा कि कुंवारी उम्मीद से हो जाएगी। जब बेटा पैदा होगा तो उस का नाम इम्मानूएल[४] रखेगी।

15जिस वक़्त बच्चा इतना बड़ा होगा कि ग़लत काम रद्द करने और अच्छा काम चुनने का इल्म रखेगा उस वक़्त से बालाई और शहद खाएगा।

16क्यूँकि इस से पहले कि लड़का ग़लत काम रद्द करने और अच्छा काम चुनने का इल्म रखे वह मुल्क वीरान-ओ-सुन्सान हो जाएगा जिस के दोनों बादशाहों से तू दह्शत खाता है।

यहूदाह भी तबाह हो जाएगा

17रब तुझे भी तेरे आबाई ख़ानदान और क़ौम समेत बड़ी मुसीबत में डालेगा। क्यूँकि वह असूर के बादशाह को तुम्हारे ख़िलाफ़ भेजेगा। उस वक़्त तुम्हें ऐसे मुश्किल दिनों का सामना करना पड़ेगा कि इस्राईल के यहूदाह से अलग हो जाने से ले कर आज तक नहीं गुज़रे।”

18उस दिन रब सीटी बजा कर दुश्मन को बुलाएगा। कुछ मक्खियों के ग़ोल की तरह दरया-ए-नील की दूरदराज़ शाख़ों से आएँगे, और कुछ शहद की मक्खियों की तरह असूर से रवाना हो कर मुल्क पर धावा बोल देंगे।

19हर जगह वह टिक जाएंगे, गहरी घाटियों और चटानों की दराड़ों में, तमाम काँटेदार झाड़ियों में और हर जोहड़ के पास।

20उस दिन क़ादिर-ए-मुतलक़ दरया-ए-फ़ुरात के परली तरफ़ एक उस्तरा किराए पर ले कर तुम पर चलाएगा। यानी असूर के बादशाह के ज़रीए वह तुम्हारे सर और टाँगों को मुंडवाएगा। हाँ, वह तुम्हारी दाढ़ी-मूँछ का भी सफ़ाया करेगा।

21उस दिन जो आदमी एक जवान गाय और दो भेड़-बकरियाँ रख सके वह ख़ुशक़िसमत होगा।

22तो भी वह इतना दूध देंगी कि वह बालाई खाता रहेगा। हाँ, जो भी मुल्क में बाक़ी रह गया होगा वह बालाई और शहद खाएगा।

23उस दिन जहाँ जहाँ हाल में अंगूर के हज़ार पौदे चाँदी के हज़ार सिक्कों के लिए बिकते हैं वहाँ काँटेदार झाड़ियाँ और ऊँटकटारे ही उगेंगे।

24पूरा मुल्क काँटेदार झाड़ियों और ऊँटकटारों के सबब से इतना जंगली होगा कि लोग तीर और कमान ले कर उस में शिकार खेलने के लिए जाएंगे।

25जिन बुलन्दियों पर इस वक़्त खेतीबाड़ी की जाती है वहाँ लोग काँटेदार पौदों और ऊँटकटारों की वजह से जा नहीं सकेंगे। गाय-बैल उन पर चरेंगे, और भेड़-बकरियाँ सब कुछ पाँओ तले रौंदेंगी।