हिज़्क़ीएल 21:1-32 DGV - Bible AI

रब इस्राईल के ख़िलाफ़ तलवार चलाने को है

1रब मुझ से हमकलाम हुआ,

2“ऐ आदमज़ाद, यरूशलम की तरफ़ रुख़ करके मुक़द्दस जगहों और मुल्क-ए-इस्राईल के ख़िलाफ़ नबुव्वत कर!

3मुल्क को बता, ‘रब फ़रमाता है कि अब मैं तुझ से निपट लूँगा! अपनी तलवार मियान से खैंच कर मैं तेरे तमाम बाशिन्दों को मिटा दूँगा, ख़्वाह रास्तबाज़ हों या बेदीन।

4क्यूँकि मैं रास्तबाज़ों को बेदीनों समेत मार डालूँगा, इस लिए मेरी तलवार मियान से निकल कर जुनूब से ले कर शिमाल तक हर शख़्स पर टूट पड़ेगी।

5तब तमाम लोगों को पता चलेगा कि मैं, रब ने अपनी तलवार को मियान से खैंच लिया है। तलवार मारती रहेगी और मियान में वापस नहीं आएगी।’

6ऐ आदमज़ाद, आहें भर भर कर यह पैग़ाम सुना! लोगों के सामने इतनी तल्ख़ी से आह-ओ-ज़ारी कर कि कमर में दर्द होने लगे।

7जब वह तुझ से पूछें, ‘आप क्यूँ कराह रहे हैं?’ तो उन्हें जवाब दे, ‘मुझे एक हौलनाक ख़बर का इल्म है जो अभी आने वाली है। जब यहाँ पहुँचेगी तो हर एक की हिम्मत टूट जाएगी और हर हाथ बेहिस्स-ओ-हरकत हो जाएगा। हर जान हौसला हारेगी और हर घुटना डाँवाँडोल हो जाएगा। रब क़ादिर-ए-मुतलक़ फ़रमाता है कि इस ख़बर का वक़्त क़रीब आ गया है, जो कुछ पेश आना है वह जल्द ही पेश आएगा’।”

8रब एक बार फिर मुझ से हमकलाम हुआ,

9“ऐ आदमज़ाद, नबुव्वत करके लोगों को बता,

9‘तलवार को रगड़ रगड़ कर तेज़ कर दिया गया है।

10अब वह क़त्ल-ओ-ग़ारत के लिए तय्यार है, बिजली की तरह चमकने लगी है। हम यह देख कर किस तरह ख़ुश हो सकते हैं? ऐ मेरे बेटे, तू ने लाठी और हर तर्बियत को हक़ीर जाना है।

11चुनाँचे तलवार को तेज़ करवाने के लिए भेजा गया ताकि उसे ख़ूब इस्तेमाल किया जा सके। अब वह रगड़ रगड़ कर तेज़ की गई है, अब वह क़ातिल के हाथ के लिए तय्यार है।’

12ऐ आदमज़ाद, चीख़ उठ! वावैला कर! अफ़्सोस से अपना सीना पीट! तलवार मेरी क़ौम और इस्राईल के बुज़ुर्गों के ख़िलाफ़ चलने लगी है, और सब उस की ज़द में आ जाएंगे।

13क्यूँकि क़ादिर-ए-मुतलक़ फ़रमाता है कि जाँच-पड़ताल का वक़्त आ गया है, और लाज़िम है कि वह आए, क्यूँकि तू ने लाठी की तर्बियत को हक़ीर जाना है।

14चुनाँचे ऐ आदमज़ाद, अब ताली बजा कर नबुव्वत कर! तलवार को दो बल्कि तीन बार उन पर टूटने दे! क्यूँकि क़त्ल-ओ-ग़ारत की यह मोहलक तलवार क़ब्ज़े तक मक़्तूलों में घोंपी जाएगी।

15मैं ने तलवार को उन के शहरों के हर दरवाज़े पर खड़ा कर दिया है ताकि आने जाने वालों को मार डाले, हर दिल हिम्मत हारे और मुतअद्दिद अफ़राद हलाक हो जाएँ। अफ़्सोस! उसे बिजली की तरह चमकाया गया है, वह क़त्ल-ओ-ग़ारत के लिए तय्यार है।

16ऐ तलवार, दाईं और बाईं तरफ़ घूमती फिर, जिस तरफ़ भी तू मुड़े उस तरफ़ मारती जा!

17मैं भी तालियाँ बजा कर अपना ग़ुस्सा इस्राईल पर उतारूँगा। यह मेरा, रब का फ़रमान है।”

दो रास्तों का नक़्शा, बाबल के ज़रीए यरूशलम की तबाही

18रब का कलाम मुझ पर नाज़िल हुआ,

19“ऐ आदमज़ाद, नक़्शा बना कर उस पर वह दो रास्ते दिखा जो शाह-ए-बाबल की तलवार इख़तियार कर सकती है। दोनों रास्ते एक ही मुल्क से शुरू हो जाएँ। जहाँ यह एक दूसरे से अलग हो जाते हैं वहाँ दो साइन-बोर्ड खड़े कर जो दो मुख़्तलिफ़ शहरों के रास्ते दिखाएँ,

20एक अम्मोनियों के शहर रब्बा का और दूसरा यहूदाह के क़िलाबन्द शहर यरूशलम का।

20यह वह दो रास्ते हैं जो शाह-ए-बाबल की तलवार इख़तियार कर सकती है।

21क्यूँकि जहाँ यह दो रास्ते एक दूसरे से अलग हो जाते हैं वहाँ शाह-ए-बाबल रुक कर मालूम करेगा कि कौन सा रास्ता इख़तियार करना है। वह तीरों के ज़रीए क़ुरआ डालेगा, अपने बुतों से इशारा मिलने की कोशिश करेगा और किसी जानवर की कलेजी का मुआइना करेगा।

22तब उसे यरूशलम का रास्ता इख़तियार करने की हिदायत मिलेगी, चुनाँचे वह अपने फ़ौजियों के साथ यरूशलम के पास पहुँच कर क़त्ल-ओ-ग़ारत का हुक्म देगा। तब वह ज़ोर से जंग के नारे लगा लगा कर शहर को पुश्ते से घेर लेंगे, मुहासरे के बुर्ज तामीर करेंगे और दरवाज़ों को तोड़ने की क़िलाशिकन मशीनें खड़ी करेंगे।

23जिन्हों ने शाह-ए-बाबल से वफ़ादारी की क़सम खाई है उन्हें यह पेशगोई ग़लत लगेगी, लेकिन वह उन्हें उन के क़ुसूर की याद दिला कर उन्हें गिरिफ़्तार करेगा।

24चुनाँचे रब क़ादिर-ए-मुतलक़ फ़रमाता है, ‘तुम लोगों ने ख़ुद अलानिया तौर पर बेवफ़ा होने से अपने क़ुसूर की याद दिलाई है। तुम्हारे तमाम आमाल में तुम्हारे गुनाह नज़र आते हैं। इस लिए तुम से सख़्ती से निपटा जाएगा।

25ऐ इस्राईल के बिगड़े हुए और बेदीन रईस, अब वह वक़्त आ गया है जब तुझे हत्मी सज़ा दी जाएगी।

26रब क़ादिर-ए-मुतलक़ फ़रमाता है कि पगड़ी को उतार, ताज को दूर कर! अब सब कुछ उलट जाएगा। ज़लील को सरफ़राज़ और सरफ़राज़ को ज़लील किया जाएगा।

27मैं यरूशलम को मल्बे का ढेर, मल्बे का ढेर, मल्बे का ढेर बना दूँगा। और शहर उस वक़्त तक नए सिरे से तामीर नहीं किया जाएगा जब तक वह न आए जो हक़दार है। उसी के हवाले मैं यरूशलम करूँगा।’

अम्मोनी भी तलवार की ज़द में आएँगे

28ऐ आदमज़ाद, अम्मोनियों और उन की लान-तान के जवाब में नबुव्वत कर! उन्हें बता, ‘रब क़ादिर-ए-मुतलक़ फ़रमाता है कि तलवार क़त्ल-ओ-ग़ारत के लिए मियान से खैंच ली गई है, उसे रगड़ रगड़ कर तेज़ किया गया है ताकि बिजली की तरह चमकते हुए मारती जाए।

29तेरे नबियों ने तुझे फ़रेबदिह रोयाएँ और झूटे पैग़ामात सुनाए हैं। लेकिन तलवार बेदीनों की गर्दन पर नाज़िल होने वाली है, क्यूँकि वह वक़्त आ गया है जब उन्हें हत्मी सज़ा दी जाए।

30लेकिन इस के बाद अपनी तलवार को मियान में वापस डाल, क्यूँकि मैं तुझे भी सज़ा दूँगा। जहाँ तू पैदा हुआ, तेरे अपने वतन में मैं तेरी अदालत करूँगा।

31मैं अपना ग़ज़ब तुझ पर नाज़िल करूँगा, अपने क़हर की आग तेरे ख़िलाफ़ भड़काऊँगा। मैं तुझे ऐसे वहशी आदमियों के हवाले करूँगा जो तबाह करने का फ़न ख़ूब जानते हैं।

32तू आग का ईंधन बन जाएगा, तेरा ख़ून तेरे अपने मुल्क में बह जाएगा। आइन्दा तुझे कोई याद नहीं करेगा। क्यूँकि यह मेरा, रब का फ़रमान है’।”