१-तवारीख़ 2:1-55 DGV - Bible AI

याक़ूब यानी इस्राईल के बेटे

1इस्राईल के बारह बेटे रूबिन, शमाऊन, लावी, यहूदाह, इश्कार, ज़बूलून,

2दान, यूसुफ़, बिनयमीन, नफ़्ताली, जद और आशर थे।

यहूदाह का नसबनामा

3यहूदाह की शादी कनआनी औरत से हुई जो सूअ की बेटी थी। उन के तीन बेटे एर, ओनान और सेला पैदा हुए। यहूदाह का पहलौठा एर रब के नज़्दीक शरीर था, इस लिए उस ने उसे मरने दिया।

4यहूदाह के मज़ीद दो बेटे उस की बहू तमर से पैदा हुए। उन के नाम फ़ारस और ज़ारह थे। यूँ यहूदाह के कुल पाँच बेटे थे।

5फ़ारस के दो बेटे हस्रोन और हमूल थे।

6ज़ारह के पाँच बेटे ज़िम्री, ऐतान, हैमान, कल्कूल और दारा थे।

7कर्मी बिन ज़िम्री का बेटा वही अकर यानी अकन था जिस ने उस लूटे हुए माल में से कुछ लिया जो रब के लिए मख़्सूस था।

8ऐतान के बेटे का नाम अज़रियाह था।

9हस्रोन के तीन बेटे यरहमिएल, राम और कलूबी यानी कालिब थे।

राम की औलाद

10राम के हाँ अम्मीनदाब और अम्मीनदाब के हाँ यहूदाह के क़बीले का सरदार नह्सोन पैदा हुआ।

11नह्सोन सल्मोन का और सल्मोन बोअज़ का बाप था।

12बोअज़ ओबेद का और ओबेद यस्सी का बाप था।

13बड़े से ले कर छोटे तक यस्सी के बेटे इलियाब, अबीनदाब, सिमआ,

14नतनीएल, रद्दी,

15ओज़म और दाऊद थे। कुल सात भाई थे।

16उन की दो बहनें ज़रूयाह और अबीजेल थीं। ज़रूयाह के तीन बेटे अबीशै, योआब और असाहेल थे।

17अबीजेल के एक बेटा अमासा पैदा हुआ। बाप यतर इस्माईली था।

कालिब की औलाद

18कालिब बिन हस्रोन की बीवी अज़ूबा के हाँ बेटी बनाम यरीओत पैदा हुई। यरीओत के बेटे यशर, सोबाब और अर्दून थे।

19अज़ूबा के वफ़ात पाने पर कालिब ने इफ़्रात से शादी की। उन के बेटा हूर पैदा हुआ।

20हूर ऊरी का और ऊरी बज़लीएल का बाप था।

2160 साल की उम्र में कालिब के बाप हस्रोन ने दुबारा शादी की। बीवी जिलिआद के बाप मकीर की बेटी थी। इस रिश्ते से बेटा सजूब पैदा हुआ।

22सजूब का बेटा वह याईर था जिस की जिलिआद के इलाक़े में 23 बस्तियाँ बनाम ‘याईर की बस्तियाँ’ थीं। लेकिन बाद में जसूर और शाम के फ़ौजियों ने उन पर क़ब्ज़ा कर लिया। उस वक़्त उन्हें क़नात भी गिर्द-ओ-नवाह के इलाक़े समेत हासिल हुआ। उन दिनों में कुल 60 आबादियाँ उन के हाथ में आ गईं। इन के तमाम बाशिन्दे जिलिआद के बाप मकीर की औलाद थे।

24हस्रोन जिस की बीवी अबियाह थी फ़ौत हुआ तो कालिब और इफ़्राता के हाँ बेटा अश्हूर पैदा हुआ। बाद में अश्हूर तक़ूअ शहर का बानी बन गया।

यरहमिएल की औलाद

25हस्रोन के पहलौठे यरहमिएल के बेटे बड़े से ले कर छोटे तक राम, बूना, ओरन, ओज़म और अख़ियाह थे।

26यरहमिएल की दूसरी बीवी अतारा का एक बेटा ओनाम था।

27यरहमिएल के पहलौठे राम के बेटे माज़, यमीन और एक़र थे।

28ओनाम के दो बेटे सम्मी और यदा थे। सम्मी के दो बेटे नदब और अबीसूर थे।

29अबीसूर की बीवी अबीख़ैल के दो बेटे अख़्बान और मोलिद पैदा हुए।

30नदब के दो बेटे सिलद और अफ़्फ़ाइम थे। सिलद बेऔलाद मर गया,

31लेकिन अफ़्फ़ाइम के हाँ बेटा यिसई पैदा हुआ। यिसई सीसान का और सीसान अख़्ली का बाप था।

32सम्मी के भाई यदा के दो बेटे यतर और यूनतन थे। यतर बेऔलाद मर गया,

33लेकिन यूनतन के दो बेटे फ़लत और ज़ाज़ा पैदा हुए। सब यरहमिएल की औलाद थे।

34सीसान के बेटे नहीं थे बल्कि बेटियाँ। एक बेटी की शादी उस ने अपने मिस्री ग़ुलाम यर्ख़ा से करवाई। उन के बेटा अत्ती पैदा हुआ।

36अत्ती के हाँ नातन पैदा हुआ और नातन के ज़बद,

37ज़बद के इफ़्लाल, इफ़्लाल के ओबेद,

38ओबेद के याहू, याहू के अज़रियाह,

39अज़रियाह के ख़लिस, ख़लिस के इलिआसा,

40इलिआसा के सिस्मी, सिस्मी के सल्लूम,

41सल्लूम के यक़मियाह और यक़मियाह के इलीसमा।

कालिब की औलाद का एक और नसबनामा

42ज़ैल में यरहमिएल के भाई कालिब की औलाद है : उस का पहलौठा मेसा ज़ीफ़ का बाप था और दूसरा बेटा मरेसा हब्रून का बाप।

43हब्रून के चार बेटे क़ोरह, तफ़्फ़ूअह, रक़म और समा थे।

44समा के बेटे रख़म के हाँ युर्क़िआम पैदा हुआ। रक़म सम्मी का बाप था,

45सम्मी मऊन का और मऊन बैत-सूर का।

46कालिब की दाश्ता ऐफ़ा के बेटे हारान, मौज़ा और जाज़िज़ पैदा हुए। हारान के बेटे का नाम जाज़िज़ था।

47यह्दी के बेटे रजम, यूताम, जेसान, फ़लत, ऐफ़ा और शाफ़ थे।

48कालिब की दूसरी दाश्ता माका के बेटे शिबर, तिर्हना,

49शाफ़ (मदमन्ना का बाप) और सिवा (मक्बेना और जिबिआ का बाप) पैदा हुए। कालिब की एक बेटी भी थी जिस का नाम अक्सा था।

50सब कालिब की औलाद थे।

50इफ़्राता के पहलौठे हूर के बेटे क़िर्यत-यारीम का बाप सोबल,

51बैत-लहम का बाप सल्मा और बैत-जादिर का बाप ख़ारिफ़ थे।

52क़िर्यत-यारीम के बाप सोबल से यह घराने निकले : हराई, मानहत का आधा हिस्सा

53और क़िर्यत-यारीम के ख़ानदान उत्तरी, फ़ूती, सुमाती और मिसराई। इन से सुरआती और इस्ताली निकले हैं।

54सल्मा से ज़ैल के घराने निकले : बैत-लहम के बाशिन्दे, नतूफ़ाती, अतरात-बैत-योआब, मानहत का आधा हिस्सा, सुरई

55और याबीज़ में आबाद मुन्शियों के ख़ानदान तिरआती, सिमआती और सूकाती। यह सब क़ीनी थे जो रैकाबियों के बाप हम्मत से निकले थे।