१-तवारीख़ 27:1-34 DGV - Bible AI

फ़ौज के गुरोह

1दर्ज-ए-ज़ैल उन ख़ानदानी सरपरस्तों, हज़ार हज़ार और सौ सौ फ़ौजियों पर मुक़र्रर अफ़्सरों और सरकारी अफ़्सरों की फ़हरिस्त है जो बादशाह के मुलाज़िम थे। फ़ौज 12 गुरोहों पर मुश्तमिल थी, और हर गुरोह के 24,000 अफ़राद थे। हर गुरोह की ड्यूटी साल में एक माह के लिए लगती थी।

2जो अफ़्सर इन गुरोहों पर मुक़र्रर थे वह यह थे :

2पहला माह : यसूबिआम बिन ज़ब्दीएल।

3वह फ़ारस के ख़ानदान का था और उस गुरोह पर मुक़र्रर था जिस की ड्यूटी पहले महीने में होती थी।

4दूसरा माह : दोदी अख़ूही। उस के गुरोह के आला अफ़्सर का नाम मिक़्लोत था।

5तीसरा माह : यहोयदा इमाम का बेटा बिनायाह।

6यह दाऊद के बेहतरीन दस्ते बनाम ‘तीस’ पर मुक़र्रर था और ख़ुद ज़बरदस्त फ़ौजी था। उस के गुरोह का आला अफ़्सर उस का बेटा अम्मीज़बद था।

7चौथा माह : योआब का भाई असाहेल। उस की मौत के बाद असाहेल का बेटा ज़बदियाह उस की जगह मुक़र्रर हुआ।

8पाँचवाँ माह : सम्हूत इज़्राख़ी।

9छटा माह : ईरा बिन अक़्क़ीस तक़ूई।

10सातवाँ माह : ख़लिस फ़लूनी इफ़्राईमी।

11आठवाँ माह : ज़ारह के ख़ानदान का सिब्बकी हूसाती।

12नवाँ माह : बिनयमीन के क़बीले का अबीअज़र अनतोती।

13दसवाँ माह : ज़ारह के ख़ानदान का महरी नतूफ़ाती।

14ग्यारहवाँ माह : इफ़्राईम के क़बीले का बिनायाह फ़िरआतोनी।

15बारहवाँ माह : ग़ुतनीएल के ख़ानदान का ख़ल्दी नतूफ़ाती।

क़बीलों के सरपरस्त

16ज़ैल के आदमी इस्राईली क़बीलों के सरपरस्त थे : रूबिन का क़बीला : इलीअज़र बिन ज़िक्री। शमाऊन का क़बीला : सफ़तियाह बिन माका।

17लावी का क़बीला : हसबियाह बिन क़मूएल। हारून के ख़ानदान का सरपरस्त सदोक़ था।

18यहूदाह का क़बीला : दाऊद का भाई इलीहू। इश्कार का क़बीला : उम्री बिन मीकाएल।

19ज़बूलून का क़बीला : इस्मायाह बिन अबदियाह। नफ़्ताली का क़बीला : यरीमोत बिन अज़्रीएल।

20इफ़्राईम का क़बीला : होसेअ बिन अज़ज़ियाह। मग़रिबी मनस्सी का क़बीला : योएल बिन फ़िदायाह।

21मशरिक़ी मनस्सी का क़बीला जो जिलिआद में था : यिद्दू बिन ज़करियाह। बिनयमीन का क़बीला : यासीएल बिन अबिनैर।

22दान का क़बीला : अज़रेल बिन यरोहाम। यह बारह लोग इस्राईली क़बीलों के सरबराह थे।

23जितने इस्राईली मर्दों की उम्र 20 साल या इस से कम थी उन्हें दाऊद ने शुमार नहीं किया, क्यूँकि रब ने उस से वादा किया था कि मैं इस्राईलियों को आसमान पर के सितारों जैसा बेशुमार बना दूँगा।

24नीज़, योआब बिन ज़रूयाह ने मर्दुमशुमारी को शुरू तो किया लेकिन उसे इख़तिताम तक नहीं पहुँचाया था, क्यूँकि अल्लाह का ग़ज़ब मर्दुमशुमारी के बाइस इस्राईल पर नाज़िल हुआ था। नतीजे में दाऊद बादशाह की तारीख़ी किताब में इस्राईलियों की कुल तादाद कभी नहीं दर्ज हुई।

शाही मिलकियत के इंचार्ज

25अज़्मावत बिन अदीएल यरूशलम के शाही गोदामों का इंचार्ज था। जो गोदाम देही इलाक़े, बाक़ी शहरों, गाँव और क़िलों में थे उन को यूनतन बिन उज़्ज़ियाह सँभालता था।

26अज़री बिन कलूब शाही ज़मीनों की काश्तकारी करने वालों पर मुक़र्रर था।

27सिमई रामाती अंगूर के बाग़ों की निगरानी करता जबकि ज़ब्दी शिफ़्मी इन बाग़ों की मै के गोदामों का इंचार्ज था।

28बाल-हनान जदीरी ज़ैतून और अन्जीर-तूत के उन बाग़ों पर मुक़र्रर था जो मग़रिब के नशेबी पहाड़ी इलाक़े में थे। यूआस ज़ैतून के तेल के गोदामों की निगरानी करता था।

29शारून के मैदान में चरने वाले गाय-बैल सित्री शारूनी के ज़ेर-ए-निगरानी थे जबकि साफ़त बिन अद्ली वादियों में चरने वाले गाय-बैलों को सँभालता था।

30ओबिल इस्माईली ऊँटों पर मुक़र्रर था, यहदियाह मरूनोती गधियों पर

31और याज़ीज़ हाजिरी भेड़-बकरियों पर।

31यह सब शाही मिलकियत के निगरान थे।

बादशाह के क़रीबी मुशीर

32दाऊद का समझदार और आलिम चचा यूनतन बादशाह का मुशीर था। यहीएल बिन हक्मूनी बादशाह के बेटों की तर्बियत के लिए ज़िम्मादार था।

33अख़ीतुफ़ल दाऊद का मुशीर जबकि हूसी अर्की दाऊद का दोस्त था।

34अख़ीतुफ़ल के बाद यहोयदा बिन बिनायाह और अबियातर बादशाह के मुशीर बन गए। योआब शाही फ़ौज का कमाँडर था।